फिल्म रिव्यु: गोल्ड
अक्षय कुमार और मौनी रॉय की बहुत चर्चित फिल्म गोल्ड 15 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। फिल्म के मुख्य किरदार में अक्षय कुमार, मौनी रॉय, विनीत सिंह और सनी कौशल है। फिल्म के डायरेक्टर रीमा कागती है। फिल्म के प्रोड्यूसर फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी है। फिल्म का संगीत सचिन-जिगर ने दिया है। फिल्म हिस्टोरिकल ड्रामा प्रकार की है। फिल्म की मुख्य कहानी में 1948 के लंदन ओलिंपिक की है। भारत ने आज़ादी के बाद ब्रिटिश राज के बिना ही टीम का प्रतिनिधित्व किया था। और टीम के प्लयेर ने विश्व को बता दिया की वह भी किसी से कम नही है।
कहानी - अक्षय कुमार टीम का मैनेजर है। वह शराब खूब पिता है। पर उसे जूनून है कि वह टीम के लिए गोल्ड लाए। इसलिए वह खूब मेहनत करता है। फिल्म की कहानी 1936 में ले जाती है। उस वक्त ब्रिटिश राज में टीम गोल्ड लाती है। पर ध्वज फहराया जाता है ब्रिटिश यूनियन जैक। यह देखकर उनको ख़ुशी नही होती। उनको सपना होता है देश के लिए गोल्ड लाए। टीम का कप्तान कुणाल कपूर होता है। वह लोग टीम को गोल्ड जीताना चाहते है। उनको जब पता चलता है कि इंडिया फिर से 1948 में ओलिंपिक खेलने जा रहा है। वह लोग इसे चैलेन्ज की तरह लेते है।
डायरेक्शन - हर स्पोर्ट्स फिल्म में तीन चीजे समान होती है। पहले हार फिर स्ट्रगल और फिर अविश्वसनीय जीत। इस फिल्म में भी यही दिखाया गया है। डायरेक्टर रीमा कागती ने 40 के दशक को जीवित करने में छोटी से छोटी बात का ध्यान रखा है पर काफी जगह वह असफल हुई है। इंडियन हॉकी वर्ल्ड के।चैप्टर को इतना खिंचा गया है कि वह मेलोड्रामा बन जाता है। स्पोर्ट्स की कम नजर आता है। डायरेक्टर ने फिल्म की कहानी और स्क्रीनप्ले इस तरह से लिखे है कि वह देशभक्ति की फिल्म बन जाती है। फिल्म में जावेद अख्तर के संवाद काफी इफेक्टिव है। कुछ जगह संवाद बेहद लंबे हो जाते है। फिल्म में कुछ जगह इतनी सिंपल दिखाया जाता है कि लगता है कि बच्चे के लिए फिल्म बनाई है।
एक्टिंग - अक्षय कुमार की एक्टिंग दमदार और लाजवाब है। बंगाली मैनेजर तपन दास के किरदार में वह पूरी तरह घुस गए है। उनके साथ कुणाल कपूर, विनीत सिंह और सनी कौशल ने भी अच्छा काम किया है। स्पोर्ट्स फिल्म में हीरोइन का किरदार जरूरी नही होता है। इसलिए मौनी रॉय फिल्म में फिट नही होती है। मौनी रॉय को एक्टिंग करने के लिए कुछ ज्यादा स्कोप नही है।
देखनी चाहिए की नही - फिल्म स्पोर्ट्स आधारित है। फिल्म थ्रिलिंग तो है ही पर अक्षय कुमार के लिए एक बार जरूर देखनी चाहिए। फिल्म का क्लाइमेक्स अच्छा है।




Post A Comment:
0 comments: