फिल्म रिव्यु : लैला मजनू
फिल्म की कहानी - फिल्म की कहानी कश्मीर की सुंदर वादियो से शुरू होती है। फिल्म की हीरोइन तृप्ति डिमरी अपनी खूबसूरती से भली भांति परिचित है। वह दूसरे लड़को के आकर्षण को समझती है और खुश होती रहती है। वह खूबसूरत है और उसे अपनी सुंदरता का दिखावा करना पसंद है। जब अविनाश और तृप्ति एक दूसरे को मिलते है तब वह दोनों एक दूसरे के प्रति आकर्षित होते है। अविनाश के बारे में ऐसा कहा जाता है कि वह शराबी है और उसकी प्लेबॉय की इमेज है। दोनों प्यार करने लगते है। अविनाश तृप्ति के लिए जूनूनी बन जाते है। अविनाश के विनाश की शुरुआत वहा से शुरू होती है। दोनों के पिता एक दूसरे के दुश्मन होते है। वह इनके रिश्ते का अस्वीकार करते है। अविनाश देश छोड़कर चला जाता है। जब वापिस आता है तब वह पागल जैसा हो जाता है।
रिव्यु : डायरेक्टर इम्तियाज अली ने रोमांटिक फिल्म बनाने में महारत हासिल की है। उन्होंने इस बार लैला मजनू की जोड़ी को सिल्वर स्क्रीन पर दिखाया है। इस फिल्म को साजिद ने डायरेक्ट किया है। उन्होंने लैला और मजनू के रोल को बखूबी बनाए है। शशांक भट्टाचार्या ने सुंदर सिनेमेटोग्राफी कर के कश्मीर की सुंदरता को और खूबसूरत दिखाया है। साजिद ने किसी भी प्रकार के सीन के बिना लैला और मजनू की लव स्टोरी को दिखाया है । फिल्म की कहानी धीमे धीमे आगे बढ़ती है। दोनों के प्यार को बारीकी से दिखाया गया है। फिल्म का मुख्य किरदार है मजनू का। अविनाश के रोल को बेहद ही स्ट्रॉन्ग दिखाया गया है। अविनाश ने भी इस किरदार को बखूबी निभाया है।
फिल्म में सबसे मजेदार उसके गाने है। फिल्म में 10 गाने है पर ऐसा लगता है कि ज्यादा गाने हो तो और मजा आ जाए। फिल्म का म्यूजिक नीलाद्रि कुमार और जोइ बरुआ ने किया है। ये म्यूजिक साल के सबसे बेस्ट म्यूजिक हो सकता है। इम्तियाज अली ने बेहतरीन म्यूजिक दिया है। प्यार से भरी इस फिल्म को एक बार जरूर देखना चाहिए।




Post A Comment:
0 comments: