फिल्म रिव्यु: सोनचिड़िया - 2019
डिरेक्टर अभिषेक चौबे की फिल्म सोनचिड़िया इस शुक्रवार 1 मार्च 2019 को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। फिल्म के मुख्य किरदार में मनोज बाजपेयी, सुशांत सिंह राजपूत, आशुतोष राणा, भूमि पेडनेकर जैसे बड़े कलाकार है। फिल्म के अंदर खूंखार डकैतों की कहानी है। फिल्म का थीम ड्रामा और सामाजिक मुद्दा है।
फिल्म की मुख्य कहानी: फिल्म की मुख्य कहानी शुरू होती है चंबल के बीहड़ में। मनोज बाजपेयी और दूसरे डकैत एक सुनार को लूटने का प्लान बनाते है और वह निकल पड़ते है। उनकी मुठभेड़ पुलिस के साथ होती है।मनोज मर जाता है और सुशांत दूसरे डकैतों के साथ भागने में सफल हो जाता है। वह छिपते छिपाते भागते फिरते है। नया सरदार को चुना जाता है। उन्हें फिर भूमि मिलती है जो एक छोटी बच्ची को अस्पताल ले जाने के लिए निकली है। उसी बच्ची का नाम है सोनचिड़िया। भूमि के ससुर ने उस बच्ची के साथ दुष्कर्म किया हुआ है। भूमि अपने ससुर को मार देती है। उसके घरवाले उसके पीछे पड़ते है। सुशांत उसे मदद करना चाहता है। वह अपने गैंग से बगावत करता है।
गैंग दो गुटों में बंट जाता है। सुशांत के पीछे दूसरा गट पड़ता है और उनके पीछे पुलिस। सुशांत सोनचिड़िया को अस्पताल पहुचाना चाहता है। सब को बीहड़ में पुलिस घेर लेती है और शुरू होती है मुठभेड़। पुलिस डकैतों को खत्म करना चाहती है। आगे क्या क्या होता है वह देखने के लिए फिल्म जरूर देखनी चाहिए।
मूवी रिव्यु:- फिल्म में बॉलीवुड फिल्म की तरह मसाला फिल्म है। फिल्म का पहला हाफ धीमा लगता है पर दूसरा हाफ मजेदार है। फिल्म में चंबल के बीहड़ की सिनेमेटोग्राफी बढ़िया की है। फिल्म में गालियां भी पर्याप्त मात्रा में है। फिल्म के डायलॉग भी मजेदार और कहानी को सूट करते है। कलाकारों ने बेहतरीन किरदार निभाया है। मनोज बाजपेयी का रोल छोटा है मगर दमदार है। सुशांत सिंह डकैत के रूप में शानदार लगते है। भूमि पेडनेकर भी डकैत के रूप में अच्छी लगती है। दूसरे साथी कलाकारों ने भी बढ़िया अभिनय किया है। फिल्म में उस समय के डकैतों की कहानी और सामाजिक भेदभाव दिखाया गया है।




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