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Movie Review: जोरदार पड़ा तापसी का 'थप्पड़', गूंज उठी पुरे समाज के कानों में

Movie Review: जोरदार पड़ा तापसी का थप्पड़, गूंज उठी पुरे समाज के कानों में
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 फिल्म रिव्यु:- थप्पड़ - 2020
निर्देशक अनुभव सिंहा की फिल्म थप्पड़ इस शुक्रवार तारीख 28 फरवरी 2020 को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी हैं। फिल्म के मुख्य किरदार में तापसी पन्नू, दिया मिर्जा, पॉवेल गुलाटी, कुमुद मिश्रा, राम कपूर, रत्ना पाठक शाह, तन्वी आज़मी जैसे कलाकार मौजूद हैं। फिल्म का प्रकार ड्रामा हैं।

फिल्म की मुख्य कहानी:- फिल्म की मुख्य कहानी में तापसी और विक्रम दोनों शादी शुदा जिंदगी बिता रहे हैं। तापसी एक अच्छी बीवी, अच्छी बहु बनकर अपनी सारी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। दोनों अपर मिडिल क्लास फैमिली के तहत अपनी लाइफ जी रहे हैं। कहानी में मॉड तभी आता हैं जब किसी पार्टी में विक्रम तापसी को थप्पड़ जड़ देता हैं। पार्टी में किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता हैं पर तापसी उस थप्पड़ से सहमा गई थी। वो एलग होने का फैसला लेती हैं। अंत में क्या होता हैं वह बेहद जबरदस्त दिखाया गया हैं।

फिल्म रिव्यु:- फिल्म थप्पड़ की गूंज सिनेमाघर में उठती हैं। पहले ऐसा लगता हैं कि फिल्म में घरेलु हिंसा खतरनाक दिखाई गई होगी। स्त्री पर हो रहे अत्याचार दिखाए होंगे पर इस फिल्म में ऐसा कुछ नही हैं। डायरेक्टर ने अपनी बात एक थप्पड़ के जरिए लोगों के सामने राखी हैं। तापसी को पति थप्पड़ मारता हैं तो लोग , समाज, रिलेटिव्स ये कहते हैं कि पति-पत्नी के बीच ये आम बात हैं। तापसी का कहना हैं कि वो नहीं मार सकता औरइस बात पर उसे डाइवोर्स चाहिए। तापसी जैसे जैसे अपने केस को लड़ती हैं तब उसके साथ होने वाली घटनाक्रम को देखकर सबके मन में ये सवाल उठता हैं कि एक थप्पड़ की वजह से जिंदगी बरबाद करना जरूरी हैं? फिल्म में तापसी के साथ साथ और 4 महिलाओं की कहानियां भी बताई गई हैं जिसमे हर स्त्री को किसी ना किसी वजह से घरेलू हिंसा का शिकार होना पड़ा हो।
तापसी के फैसले का विरोध घर की स्त्रियां ही करती हैं। उनकी सास कहती हैं कि अपना जीवन मत बर्बाद करो। उसकी खुद की माँ कहती हैं कि हमें लोग क्या कहेंगे कि बेटी का तलाक हो गया। उनके पिता कहते हैं कि अगर उस सच का मतलब ही क्या जिसके कारण जीवन बरबाद हो जाए। फिल्म में एक डायलॉग हैं कि अगर एक थप्पड़ से एलग होने की बात हो जाए तो आज 50 फीसदी महिलाएं अपने मायके बैठी होती। फिल्म में मिडिल क्लास फैमिली की जद्दो जेहत को दिखाया गया हैं।
डायरेक्टर अनुभव ने महिला की बात को ऐसे रखा हैं जो सोचने पर मजबूर कर देता हैं। फिल्म के अलग अलग किरदार के मन में क्या चल रहा हैं वो और लोगों के मन में एक ऑप्शन दे जाता हैं। उनको सोचने पर मजबूर कर देती हैं। फिल्म में तापसी, दिया जैसे कलाकारों ने बेहतरीन एक्टिंग की हैं। फिल्म का अंत ऐसा दिखाया गया हैं जिसे किसी को भी सोच पाना मुश्किल होगा।




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